1 लाख रुपये देने के बाद भी नहीं छूटा ट्रैक्टर, सरपंच पति की सदमे में मौत

परिजनों ने रेंजर पर लगाया आरोप, किया चक्काजाम, बेलई माफी गांव की घटना, रेंजर हुआ निलंबित

भोपाल.सागर. ढाना रेंजर ने बेलई माफी के सरंपच पति का ट्रैक्टर पकड़ लिया. जिससे वह सदमे में आ गया और मौत हो गई. घटना रविवार की है. इसके बाद परिजन और गांव के लोगों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया. रेंजर देवेश गौतम पर ट्रैक्टर छोड़ने के बदले में 1 लाख रुपए की डिमांड करने और प्रताड़ना का आरोप लगाया है. क्षेत्रीय विधायक और पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव, कलेक्टर दीपक सिंह व एसपी अमित सांघी और वन विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे. मंत्री भार्गव ने फोन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा की और वन अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर रोष जताया. पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता देने और रेंजर के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त हो गया. कलेक्टर ने इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए. सीसीएफ अमित दुबे ने रेंजर को निलंबित कर दिया।

मजिस्ट्रियल करा रहे जांच

कलेक्टर दीपक सिंह ने बताया कि इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराई जा रही. इधर पुलिस ने केस भी दर्ज किया है. पंचायत से तत्काल 5 हजार की सहायता दी गई. बताया जा रहा है कि वन विभाग के अमले ने वन भूमि बखरने के आरोप में बेलई माफी के सरपंच पति मनीराम गौड़ (40) का करीब एक महीने पहले ट्रैक्टर जब्त किया था. मनीराम ट्रैक्टर छुड़वाने के लिए शनिवार की शाम रेंजर के पास रानिगर गया था. ट्रैक्टर छोड़ने के लिए उससे 1 लाख रुपए की डिमांड की गई. इतनी राशि न दे पाने के कारण ट्रैक्टर नहीं छूट पाया. वहां से लौटते समय उसे उल्टियां हुईं और उसकी मौत हो गई. सरपंच पति ने मंत्री भार्गव से ट्रैक्टर छुड़वाने के लिए कहा था. मंत्री ने भी इस संबंध में वन अफसरों से बात की थी, लेकिन ट्रैक्टर नहीं छोड़ा गया. इसके बाद यह घटना हो गई. मंत्री भार्गव ने इस घटना को लेकर वन विभाग के अफसरों के खिलाफ नाराजगी जताई.

भाई ने कहा- 30 हजार रुपए लेकर गए थे ट्रैक्टर छुड़ाने, पर नहीं माना रेंजर

मनीराम के भाई मुकेश ने बताया कि हम लोगों ने अपनी जमीन पर बखरनी की थी. वन विभाग की जमीन बखरने की बात झूठ है. वन विभाग वाले घर से मेरे भाई का ट्रैक्टर उठा लाए थे. ट्रैक्टर छोड़ने के लिए रेंजर ने 1 लाख की मांग की थी. मेरे भाई शनिवार की शाम 30 हजार रुपए लेकर ट्रैक्टर छुड़ाने के लिए रेंजर के पास रानगिर गए थे. रेंजर ने कहा पूरे रुपए लेकर आओ तभी ट्रैक्टर छोडूगा. इसके बाद मेरे भाई वहां से लौट आए. घाटमपुर के पास उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें उल्टियां हुईं। इसी सदमे के कारण मेरे भाई की मौत हो गई. रेंजर और भी लोगों को इसी तरह परेशान करता है. कई लोगों से रुपए भी लिए हैं. मनीराम के 5 और भाई हैं. उनकी वन भूमि से लगी 6 एकड़ जमीन है. फसल उगाकर परिवार चलाते हैं. मंत्री भार्गव ने बताया कि ढाना रेंजर गौतम की कार्यशैली खराब है. लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही. 9 आदिवासियों की बाइक जब्त कर ली.

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