आज है पितरों की विदाई का अंतिम दिन, अमावस्या और अभिजीत मुहूर्त में जरूर करें ये काम

नई दिल्ली. 15 दिन की अवधि तक चलने वाले श्राद्ध का आज अंतिम दिन है. आश्विन माह की अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाता है. इस दिन से श्राद्ध समाप्त होते हैं. इस दिन पितरों को विदा कर दिया जाता है. इस साल सर्व पितृ अमावस्या 17 सिंतबर को है.

अमावस्या का मुहूर्त
श्राद्ध तिथि में सर्व पितृ अमावस्या का काफी महत्व होता है और इसे मोक्षदायिनी अमावस्या भी कहते हैं. 2020 में अमावस्या 16 सितंबर को शाम 7 बजे से लगेगी और 17 सितंबर को शाम चार बजे तक रहेगी. इसलिए 17 सितंबर को ही सर्व पितृ अमावस्या मनाई जाएगी. इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मुत्यु की तिथि याद न हो. एक तरह से सभी भूले-बिसरे पितरों को इस दिन याद कर उनका तर्पण किया जाता है. ब्रह्म पुराण के अनुसार, जो वस्तु उचित काल या स्थान पर पितरों के नाम पर उचित विधि से दी जाती है, वही श्राद्ध कहलाती है.

सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करें
सर्व पितृ अमावस्या के दिन भी भोजन बनाकर कौवे, गाय और कुत्ते के लिए निकाला जाता है. ऐसा कहा जाता है कि पितर देव, ब्राह्रण और पशु-पक्षियों के रूप में अपने परिवार वालों दिया गया तर्पण स्वीकार कर उन्हें खूब आशीर्वाद देते हैं. इस दिन अपने पूर्वजों के न‍िम‍ित्त के योग्‍य व‍िद्वान ब्राह्मण को आमंत्र‍ित कर भोजन कराना चाह‍िए. इसके अलावा आप गरीबों को भी अन्‍न का दान कर सकते हैं. पितरों के न‍िम‍ित्त श्राद्ध 11:36 बजे से 12:24 बजे में ही करना चाहि‍ए.

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