पेट्रोल की कीमत के सामने सरकार हुई पस्त, साल की सबसे लम्बी उछाल, आगे और बढ़त की आशंका

पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार ऊंचाई पर बने हुए हैं. सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल का दाम 12 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 74.66 रुपये हो गया, जो इस साल की सबसे ऊंची कीमत है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम बढ़ने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की आशंका है.

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल का दाम रविवार को 74.54 रुपये प्रति लीटर था. डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं आया और यह सोमवार को 65.73 रुपया प्रति लीटर है. रविवार को भी दिल्ली में डीजल 65.73 रुपये प्रति लीटर था. मुंबई में पेट्रोल का दाम 80.32 रुपये प्रति लीटर और डीजल का दाम 68.94 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

आगे के लिए क्यों बनी आशंका

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मसलों को सुलझाने की दिशा में हो रही प्रगति और कच्चा तेल उत्पादक व निर्यातक देशों के समूह ओपेक द्वारा तेल के उत्पादन में कटौती आगे जारी रखने की सहमति की संभावनाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना रह सकता है.

सऊदी अरब की सरकारी कंपनी सऊदी अरामको के तेल संयंत्रों पर सितंबर में हुए हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में जोरदार उछाल आया था, जिस कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिली थी और अक्टूबर के आरंभ में पेट्रोल का भाव इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर चला गया था.

इससे पहले अक्टूबर में थी साल की सबसे ऊंची कीमत

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत दो अक्टूबर 2019 दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल क्रमश: 74.61 रुपये, 77.23 रुपये, 80.21 रुपये और 77.50 रुपये लीटर हो गई थी. इस समय पेट्रोल इस कीमत से भी ऊपर हो गया है.

कच्चा तेल क्यों हो रहा मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव बीते कारोबारी सत्र में दो महीने के ऊंचे स्तर पर चला गया और इस महीने में ब्रेंट के भाव में करीब तीन डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई है.

ऊर्जा विशेषज्ञों की माने तो अगले महीने ओपेक की बैठक में कच्चे तेल के उत्पादन में की जा रही कटौती को आगे जारी रखने पर फैसला लिया जा सकता है, जिससे आने वाले दिनों में तेल की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है.

ओपेक द्वारा इस समय रोजाना 12 लाख बैरल की कटौती की जा रही है और आगामी बैठक में इसे मार्च 2020 के आगे भी जारी रखने पर सहमति बनने की उम्मीद है. बीते सप्ताह शुक्रवार को इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड का फरवरी अनुबंध 63.37 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था जबकि 31 अक्टूबर 2019 को ब्रेंट का भाव 60.23 डॉलर प्रति बैरल था.

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