संसद में राहुल गांधी के राफेल हमले पर घिरी मोदी सरकार, कांग्रेस बोली – हमारे पास है डॉक्यूमेंट्स

नई दिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को जैसे ही राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर बहस शुरू हुई, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस डील को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला बोला, जैसी कि अब तक उनकी पार्टी करती आई है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि रक्षा और कानून मंत्रालय की तरफ से आपत्ति के बावजूद यह डील की गई। कांग्रेस का कहना है कि उनके पास सरकार के वो डॉक्यूमेंट्स मौजूद है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार के अंदर ही इस सौदे पर सवाल उठाए गए थे।

राहुल गांधी ने कहा कि इन आपत्तियों को प्रधानमंत्री ने दरकिनार किया। राहुल गांधी ने कहा- “अगर रक्षा मंत्रालय में इसको लेकर आपत्ति थी तो फिर हम ये जानना चाहते हैं कि किस आधार पर प्रधानमंत्री इस पर आगे बढ़े।” इसके फौरन बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कांग्रेस के इन आरोपों पर पलटवार किया।

रक्षामंत्री ने कहा- “आपने इस सौदे को रोक दिया, भूल गए वायुसेना किस स्थिति से गुजर रही है। आप इस डील पर निर्णय नहीं ले सकते थे क्योंकि ये आपको सूट नहीं करती।” निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा को तरजीह देने पर जोर देते कहा- “कांग्रेस ने राफेल पर पूरी तरीके से झूठा प्रचार किया और सदन के अंदर और बाहर दोनों ही जगह देश को गुमराह किया।”

इससे पहले राहुल गांधी ने यह कहा था कि वे चाहते है कि सरकार की फाइल से आई नई सूचना के आधार पर उनकी तरफ से सरकार से पूछे गए पांच सवालों के रक्षा मंत्री जवाब दें। राहुल ने कहा- “वह बोलें कि ऐसी कोई फाइल नहीं है, हम उनके यह बयान चाहते हैं… और अगर ऐसी आपत्तियां थीं , तो हम ये जानना चाहते हैं कि कैसे इन आपत्तियों की अनदेखी की गई…. मुझे संदेह है कि वे इस सवाल का जवाब नहीं दे पाएंगी। यह सवाल महत्वपूर्ण हैं।” राहुल ने आगे कहा- रक्षामंत्री को बेहद ध्यान से सुना (कि वो जवाब देंगी), लेकिन वित्तमंत्री को भी उन्हें कोसने की कोशिश की जगह राफेल पर जवाब देना चाहिए था।

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