मां के साथ बलात्कार, 3 साल के बेटे का बांधा हाथपैर फेंका जंगल में

-बेपटरी हो गई प्रदेश की कानून व्यवस्था, अपराधियों में नहीं कानून का भय, मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में अपराधियों ने पार की क्रूरता की सारी हदें, 18 जुलाई को हुआ था मां-बेटे का अपहरण

भोपाल. रतलाम. मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है. अपराधियों में कानून का कोई डर ही नहीं रहा. जिसके चलते हर एक दिन अपराधी घटना को अंजाम दे रहे. प्रदेश के रतलाम जिले में तो अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक महिला के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया और उसके तीन साल के बेटे के मुंह में फेवीक्विक डाला. हाथ-पैर बांधकर उसे जंगल में फेंक दिया. यहां दो बदमाशों ने एक महिला और उसके 3 साल के मासूम का अपहरण किया था. माल्या के जंगल के पास बच्चे के पेट पर कपड़ा बांधा और उसके मुंह में फेवीक्विक डालकर झाडि़यों में फेंक दिया, ताकि वह रो न सके. गांव के लोगों ने समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई. महिला को लेकर भाग रहे बदमाशों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया.

घटना मंगलवार सुबह 7.30 से 8 बजे के बीच रतलाम के आलोट के माल्या गांव की है. यहां कुछ युवक मवेशी चराने के लिए जंगल में रेलवे पटरी तरफ गए थे. झाडि़यों में उन्हें बेसुध पड़ा एक बच्चा नजर आया. मासूम के पेट और हाथ कपड़े से कसकर बंधे हुए थे. उन्होंने गांव के चौकीदार को इसकी सूचना दी. गांव के लोगों को लेकर मौके पर पहुंचे और बच्चे को झाडि़यों से निकालकर कपड़ा खोला. उस समय बच्चे की सांस चल रही थी. पानी छिड़का तो बच्चा तड़पने लगा लेकिन कुछ भी बोल नहीं रहा था. गांव के लोगों को समझ नहीं आया कि बच्चा क्यों तड़प रहा है और कुछ बोल क्यों नहीं रहा ? तुरंत डायल 100 को सूचना दी. बच्चे को आलोट के एक अस्पताल में भर्ती कराया. कुछ देर बाद रेलवे ट्रेक के पास महिला और दो युवक भागते दिखे तो चौकीदार और गांव के लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस के हवाले किया. फिर स्थानीय पुलिस ने इस मामले को अफजलपुर थाने को सौंप दिया. घटना के 12 घंटे बाद रात 8 बजे अफजलपुर थाना पुलिस ने अपहरण, हत्या के प्रयास और बलात्कार का केस दर्ज किया. आरोपियों का नाम हरीश सेन निवासी रातीखेड़ी और उसके सहयोगी का नाम मांगीलाल आंजना निवासी भाट पिपल्या का बताया जा रहा है.

पीडि़त महिला बोली जान से मारने कर रहे थे कोशिश

पीडि़त महिला ने बताया कि वह बाबरेचा की रहने वाली है. कुछ दिनों से अपने मायके रतीखेड़ी (मंदसौर जिले) में रह रही थी. 18 जुलाई को उसे और उसके तीन साल के बच्चे को हरीश और मांगीलाल डरा धमका कर ले आए थे. महिला ने आरोपियों पर बच्चे की हत्या करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया है.

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