लगातार दूसरे दिन 1800 से ज्यादा केस, एक्टिव मामले 17 हजार के पार, घर-घर कोरोना जांच अब बंद

सरकार ने कोरोना की घर-घर जाकर जांच बंद कर दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि अब जो व्यक्ति फीवर क्लीनिक या कोविड के लिए अधिकृत हॉस्पिटल में सैंपल देकर टेस्ट कराना चाहेगा, उसे शुल्क नहीं देना होगा। इसे लेकर भ्रम की स्थिति थी, जिसे मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि टेस्ट अभी भी फ्री है।

केंद्र की आयुष्मान योजना के तहत जिन अस्पतालों में इलाज हो रहा है, वहां पैसा नहीं लगेगा। जहां आयुष्मान लागू नहीं है, तो वहां मरीजों को बिल दिया जाएगा। वह स्वेच्छा से जितना देना चाहे दे सकेगा। वहीं राजधानी में अब निजी अस्पताल और नर्सिंग होम कोरोना का इलाज कर सकेंगे। संबंधित मरीज को स्वयं के व्यय पर इलाज करवाना होगा। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा कि निजी अस्पताल कोरोना वार्ड बना सकते हैं। उन्हें कोविड-19 में जारी गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा।

13082 में से 6052 संक्रमितों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री नहीं
राजधानी में 242 नए संक्रमित मिलने के साथ ही कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा 13082 हो गया है। इनमें 6052 मरीज न तो किसी संक्रमित के संपर्क में आए और न ही इनकी कोई कॉन्टैक्ट हिस्ट्री है। यह खुलासा स्वास्थ्य मंत्रालय की भोपाल कोविड पेशेंट कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग रिपोर्ट से हुआ है। इसके मुताबिक 13082 मरीजों के संपर्क में 59374 थे। इनमें 50923 सिम्टोमैटिक थे। जबकि 8884 लोग हाईरिस्क श्रेणी के थे।

स्वास्थ्य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि जिन 6052 मरीजों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री नहीं मिल रही, उनसे शहर में हजारों लोगों को संक्रमण फैसले की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।

एक दिन में 8 मरीजों की मौत, दो मजिस्ट्रेट पॉजिटिव
राजधानी में मंगलवार को अलग-अलग कोविड हॉस्पिटल्स में 8 मरीजों की मौत हुई, इनमें तीन भोपाल के थे। मृतकों में विदिशा का एक 14 माह का बच्चा भी शामिल है। जबकि नए संक्रमितों में जिला अदालत के दो मजिस्ट्रेट, दो कर्मचारी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दो कर्मचारी शामिल हैं। इन 242 नए संक्रमितों में से 200 कोविड अस्पतालों व केयर सेंटरों में भर्ती हैं, जबकि 42 होम आइसोलेशन में।

कोविड संक्रमित जूनियर डॉक्टर्स ने मांगी रेमडेसीवर और टोस्कीजुमैव दवा
गांधी मेडिकल कॉलेज के कोविड संक्रमित जूनियर डॉक्टर्स ने प्रबंधन से एंटी वायरल दवा रेमडेसीवर और टोस्कीजुमैव दिए जाने की मांग की है। इसके लिए कॉलेज के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद मीणा ने कॉलेज के प्रभारी डीन डॉ. जितेंद्र शुक्ला को ज्ञापन सौंपा है। डॉ. मीणा ने बताया कि कोविड संक्रमित जूनियर डॉक्टर्स के लिए प्रबंधन अलग से प्राइवेट कोविड वार्ड बनाए। उन्होंने जूनियर डॉक्टर्स की मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

33 मरीज ऐसे जिन्होंने भर्ती होने के 24 घंटे में ही दम तोड़ा

राजधानी के कोविड अस्पतालों में मार्च से 7 सितंबर के बीच 310 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इनमें से 33 की मौत अस्पताल में भर्ती होने के 30 मिनट से लेकर 24 घंटे के बीच हुई। जिला प्रशासन की कोविड पेशेंट डेथ लाइन लिस्ट के मुताबिक कोरोना से मरने वालों में 2 मरीज ऐसे हैं, जिनकी मौत घर से अस्पताल के बीच हो गई।

प्रदेश में दो माह में आठ गुना बढ़ गए एक्टिव केस.
लगातार दूसरे दिन 1800 से ज्यादा (1864) नए केस मिले। एक जुलाई को 2625 एक्टिव केस थे, जो अब आठ गुना बढ़कर 17205 हो गए हैं। इनमें चार हजार मरीज इंदौर में हैं। मंगलवार को कुल 22 हजार 597 सैंपल जांचे गए ।

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