मंत्री सिलावट को कोरोना का नहीं डर

  • होम क्वॉरंटीन होने के बाद भी पहुंचे बैठक में

-जनता के लिए सरकार ने लगाई पाबंदी, नेताओं को दी खुली छूट, लॉक डाउन में हुई भाजपा कार्यालय में बैठक, नियमों का हुआ खुला उल्लंघन

इंदौर. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होकर जलसंसाधन मंत्री बने तुलसी सिलावट व भाजपा के दूसरे विधायकों को कोरोना का डर नहीं है. आलम यह है कि सरकार के मंत्री व विधायक खुलेआम बैठक कर रहे हैं. जबकि प्रशासन ने लॉक डाउन अवधि के दौरान किसी भी कार्यक्रम पर पाबंदी लगाकर रखी है, लेकिन इसका पालन सिर्फ जनता से ही कराया जा रहा है. रविवार को शहर के जावरा कंपाउंड स्थित भाजपा कार्यालय में लॉकडाउन के बीच नेताओं ने बैठक की. जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट जिनके मुख्यमंत्री से मिलने के बाद होम क्वारंटाइन होने की बात कही जा रही थी, वे भी इसमें शामिल हुए. विधायक समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी कार्यालय में करीब ढाई घंटे से अधिक चर्चा की. 10 से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं के साथ कुछ अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी भाजपा कार्यालय पहुंचे. बैठक में विधायक महेंद्र हार्डिया, गोपीकृष्ण नेमा, रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता, मधु वर्मा व कुछ ग्रामीण पदाधिकारी भी शामिल हुए. पार्टी सू़त्रों के मुताबिक यह बैठक सांवेर उपचुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई थी. बैठक में कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट का शामिल होना चौंकाने वाला रहा. क्योंकि 21 जुलाई को मुख्यमंत्री से मिलने और फिर सीएम के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उस मुलाकात में शामिल नेताओं ने खुद को क्वारंटाइन करने की घोषणा की थी. मंत्री सिलावट भी मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात में शामिल थे।

कांग्रेस ने साधा निशाना-
लॉक डाउन के बीच हुई भाजपा की इस बैठक पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है. प्रदेश सचिव राजेश चौकसे ने कहा कि भाजपा को प्रशासन ने चुनावी तैयारियों के लिए सभी नियमों में छूट दे रखी है. कांग्रेस कार्यालय में चार लोग भी बैठक करते हैं तो प्रशासन प्रकरण दर्ज करने में देर नहीं करता.

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