क्या बीजेपी ने छोड़ दिया झारखंड में अपने दम पर सरकार बनाने का दावा?

रांची: झारखंड के चुनाव में एक नई राजनीतिक घटना हुई है. जो भाजपा अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पाने का दावा कर रही थी उसने पहले चरण के मतदान के पूर्व से ही सार्वजनिक मंच से अब यह कहने से गुरेज नहीं कर रही है कि सरकार आजसू के साथ ही बनाएगी. पार्टी की ओर से यह बात बार-बार बोला जा रहा है.

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के कथन के बाद रविवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सुदेश हमारे मित्र और भाई जैसे हैं और वह सरकार में शामिल होंगे. हालांकि आजसू नेता सुदेश महतो का कहना है कि फ़िलहाल चुनावी मैदान में बीजेपी से दोस्ती नहीं कुश्ती होगी. धर्मेंद्र प्रधान रविवार को झारखंड के कई विधानसभा इलाक़ों में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे.

उनके बयान का यह राजनीतिक अर्थ लगाया जा रहा है कि पार्टी को तमाम दावों के बावजूद ये फ़ीडबैक है कि विधानसभा चुनाव का परिणाम त्रिशंकु होने वाला है ऐसे में सुदेश महतो जैसे पुराने सहयोगी की उन्हें निश्चित रूप से ज़रूरत होगी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इससे पूर्व एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में साफ़ किया था कि आजसू उनके भविष्य के सरकार में शामिल होगी.

आपको बता दें कि बीजेपी ने जब सुदेश महतो के मनमुताबिक़ 17 सीटें नहीं दी तब उनकी पार्टी ने बीस से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिए. शुरू में बीजेपी का आकलन था कि उनके अधिक प्रत्याशी चुनाव में रहने के कारण विरोधियों को नुक़सान होगा लेकिन कई सीटों से जब उनके पार्टी प्रत्याशियों ने शिकायत शुरू कर दी कि आजसू प्रत्याशी के कारण उनके वोट पर असर हो रहा है तब बीजेपी ने अपने सुर बदले.

वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि सुदेश बीजेपी के साथ फ़िक्स मैच खेल रहे हैं. पार्टी के नेता हेमंत सोरेन ने कहा कि बीजेपी नेताओं के बयान से हमारी बातों की पुष्टि हुई और जनता इसका बेहतर फ़ैसला करेगी.

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