कर्नाटक उपचुनाव: BJP में पड़ी फूट, अपने हुए बागी, येदुरप्पा को उल्टा पड़ सकता है अपना ही दाव

कर्नाटक में अयोग्य करार दिए गए 17 बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से चुनाव लड़ने की हरी झंडी मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कांग्रेस-जेडीएस के इन सभी 17 बागी विधायकों को बीजेपी ने उपचुनाव की सियासी रणभूमि में उतारने की रणनीति बनाई है. बीजेपी ने 10 बागियों के प्रत्याशी बनाने की घोषणा कर दी है. बागियों को गले लगाने से बीजेपी के अपने नेता ही बगावत का रुख अपना लिए हैं. इतना ही नहीं बीजेपी के खिलाफ बीजेपी नेता ही निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोंक रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा के लिए कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को प्रत्याशी बनाने का दांव कहीं उल्टा न पड़ जाए?

कर्नाटक के विधायकों की अयोग्यता के बाद रिक्त हुई 17 विधानसभा सीटों में से 15 सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं. जबकि, दो सीटों का मामला हाई कोर्ट में लंबित होने की वजह से इन दो सीटों पर उपचुनाव रोक दिया गया है. ऐसे में 15 सीटों पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन का दौर जारी है, जो 18 नवंबर तक कर सकते हैं. सूत्रों की मानें तो बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस के 14 और जेडीएस के 3 बागी विधायकों को उनकी पूर्व सीट से प्रत्याशी बनाए जाने का मन बनाया है.

कांग्रेस-जेडीएस के बागियों को गले लगाने से बीजेपी के अपने नेता नाराज माने जा रहे हैं. कर्नाटक में बीजेपी सांसद बीएन बचेगौड़ा के पुत्र शरत बचेगौड़ा और दूसरे राजू केगे ने खुलेआम पार्टी के खिलाफ विद्रोह कर दिया है. कागवाड़ सीट से राजू केगे और होसकोटे सीट से शरत बचेगौड़ा बीजेपी से टिकट की आस लगाए हुए थे. ऐसे में अब बीजेपी बागियों को उतारने की तैयारी में है तो पार्टी के अपने नेता विद्रोह कर रहे हैं. हालांकि इन दोनों नेताओं ने 2018 के कर्नाटक चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी से हार गए थे.

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