आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है कांगेस- कमलनाथ

  • भाजपा भूली आदिवासी दिवस, पूर्व मुख्यमंत्री ने संबोधित की वर्चुयल सभा

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विश्व आदिवासी दिवस पर वर्चुअल सभा को संबोधित करते हुए सभी आदिवासी भाइयों को शुभकामनाएं दी। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा हम अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हैं जिन्होंने अंग्रेजों से आजादी की लडाई की शुरुआत की थी ताकि हम अंग्रेजों को उखाड़ सकें। जो हमारे नौजवान क्रांतिकारी जुड़े थे जिन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए,जिनमें चंद्र शेखर आजाद, टंट्या भील, बिरसा मुंडा जी इन क्रांतिकारियों को हम श्रद्धा पूर्वक याद करते हैं। वहीं प्रदेश में भाजपा की सरकार है और देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले आदिवासी क्रातिंकारियों को भाजपा भूल गई।

कमलनाथ ने सभा को संबोधित करते हुए आगे कहा कि जब अपना देश आजाद हुआ और हमारे सामने बड़ी चुनौतियां यह थी कि हमारे सबसे कमजोर वर्ग हमारे जंगल में रहने वाले जंगल से जुड़े आदिवासी वर्ग उनका विकास और उनका भविष्य कैसे सुरक्षित रहे। कांग्रेस के हाथ में जब देश आजादी के बाद आया उस समय इस चुनौती का सामना पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी जी ने किया। हमारा आदिवासी समाज का भविष्य सुरक्षित रहे और साथ-साथ अपनी मुख्यधारा में कैसे जुड़े इसको लेकर बहुत सारी योजनाएं कांग्रेस पार्टी ने बनाई।

इसके साथ ही कहा कि हमारी किसान कर्ज माफी योजना, महिला सहायता समूह योजना कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी समाज के लिए किया। हमारा वन अधिकार कानून बनाया था लेकिन अभी तक इसका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हुआ। हमारे 15 महीने की सरकार रही हर आदिवासी भाई के साथ अन्याय न हो वह वन अधिनियम वन अधिकार कानून का पूरा फायदा उठा सके यह हमारे प्रयास रहे। हमारे सामुदायिक भवन की योजना थी जब मैंने 15 साल की भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल के दौरान आदिवासी भाई और उनके लिए बनाएं गए सामुदायिक भवनों की हालत बहुत खराब थी। हमने उनकी हालत देखी और तत्काल पैसा आवंटित किया।

श्री नाथ ने कहा कि यह हमारा लक्ष्य है और आज विश्व आदिवासी दिवस पर हम फिर से संकल्प लेते हैं—कांग्रेस पार्टी संकल्पित है कि जो हमारी सोच हमेशा रही है सबसे कमजोर वर्ग हमारे आदिवासी भाइयों के लिए हम फिर से काम करते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे। आज मुझे बहुत बड़ी चिंता है जो आदिवासी समाज की नई पीढ़ी की मुझे याद है 40 साल पहले अपने क्षेत्र में क्षेत्र में आदिवासी लोग सिर्फ लंगोट पहना करते थे आज जींस टीशर्ट पहनते हैं। जो पुरानी पीढी थी उन्होंने अपना जीवन काट लिया लेकिन नई पी​ढी को नई आशाएं हैं और वे करते रहेंगे। इनको पढ़ने लिखने की सुविधा जो कांग्रेस पार्टी ने उपलब्ध कराई है आज का पढ़ा लिखा आदिवासी उसका भविष्य सुरक्षित हो उसे कैसे रोजगार के मौके मिले यह हमारा प्रयास है। आने वाले समय में हमारी सरकार बनेगी तो हम फिर एक बार ऐसी योजनाएं बनाएंगे जिससे हमारे आदिवासी भाईयों बहिनों को पूरी प्राथमिकता ​मिले और बेहतर रोजगार भी।

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