कमलनाथ के मंत्रीमंडल का विस्तार आज, जीतू पटवारी सहित 22 विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

भोपाल। देश का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में अब कांग्रेस का राज है। 17 दिसंबर को कमलनाथ के मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद आज मंत्रीमंडल का विस्तार होने जा रहा है। 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित 22 मंत्री आज राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह दोपहर बाद तीन बजे राजभवन में होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सभी नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी। दिल्ली में पिछले पांच दिन से जारी मशक्कत के बाद मुख्यमंत्री नाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अन्य दिग्गजों के समर्थकों की परफॉर्मेंस व क्षेत्रीय जातीय समीकरण के आधार पर संख्या तय की गई है।

मंत्रिमंडल में गुटीय, क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन बनाने के प्रयास अंतिम क्षणों तक जारी रहे। इधर,खबर है कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की मुख्यमंत्री नाथ से चर्चा हुई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बसपा सरकार में शामिल होगी या नहीं। हालांकि देर रात को जिनको मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना है, उनके पास शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए फोन आने लगे थे।

सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ सरकार में जिन मंत्रियों को लिया जा रहा है, उनमें जीतू पटवारी, डॉ. गोविंद सिंह, आरिफ अकील, केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, बृजेंद्र सिंह राठौर, बाला बच्चन, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, राजवर्द्धन सिंह, लाखन सिंह यादव, कमलेश्वर पटेल, हिना कांवरे, झूमा सोलंकी, लखन घनघोरिया, तरुण भनोत, दीपक सक्सेना, हुकुमसिंह कराड़ा, सज्जन सिंह वर्मा, लक्ष्मण सिंह या जयवर्द्धन सिंह के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के लिए चर्चा में चल रहे नामों में डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ और एनपी प्रजापति में से जिसे भी स्पीकर चुना जाता है तो अन्य को मंत्रिमंडल में लिए जाने की संभावना है। दो निर्दलीय प्रत्याशियों प्रदीप जायसवाल और ठा. सुरेंद्र सिंह शेरा भैया को मंत्रिमंडल में लिए जाने का नाथ पहले ही संकेत दे चुके हैं। वहीं, जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के पूर्व प्रमुख और कांग्रेस से विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के बागी तेवर दिखाई दे रहे हैं। पहली बार के विधायकों को मंत्री नहीं बनाए जाने के फार्मूले के बाद डॉ. अलावा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नाथ से फोन पर बात की तो उन्होंने मंत्री बनाने में असमर्थता जताई।

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