विधायक जीतू पटवारी ने की प्रेसवार्ता

भोपाल. प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं विधायक जीतू पटवारी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता की। वो प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। उत्तर प्रदेश में 8 पुलिस वालों की हत्या करने वाले कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर मामले में कहा कि गाड़ी नहीं पलटती तो कई लोगों की कुर्सियां चली जाती। कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से लचर हो चुकी है। अपराधियों के लिए प्रदेश शरण स्थली बन चुका है। प्रदेश की कमजोर सरकार 100 दिन तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं कर पाई थी।

अब 10 दिन बीत गया है और विभागों का बंटवारा भी नहीं हो पाया है। अपने आप को स्वयंभू टाइगर कहने वाले मुख्यमंत्री अब मलाईदार पद के लिए पूरे प्रदेश को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मलाई तो बिल्ली खाती है। वर्तमान समय में प्रदेश में दो बिल्लियां मलाईदार विभाग के लिए झगड़ा कर रही हैं और प्रदेश को गर्त में डाल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की कर्ज माफी पर सवाल उठाती है, जबकि हमारी सरकार ने लगभग 25 लाख किसानों का कर्ज माफ किया हैं। कमलनाथ सरकार की यह एक महत्वपूर्ण योजना थी।
पूर्व मंत्री पटवारी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां चाहे और जिस जगह पर चाहे वहां पर मैं डिबेट करने को तैयार हूं।

वर्तमान की भाजपा सरकार ने किसान को मजाक बना कर रखा है। उस पर अत्याचार हो रहे है। विधायक पटवारी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी तीखा हमला बोला। कहा कि मिस्टर विभीषण ने कहा था कि किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ तो मैं सड़क पर उतर जाऊंगा। अब वह कहां गए। हमारी सरकार विजन के साथ चलने वाली सरकार थी। हर वर्ग के साथ चलने वाली सरकार थी, लेकिन पीछे से धक्का देकर अपने अहम और अहंकार में डूबी भाजपा सरकार अब प्रदेश को लूटने में मची हुई है। विकास दुबे के मामले में उन्होंने कहा कि जिस तरीके से मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया ने बयान दिया हैं उससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे। मध्य प्रदेश की सरकार ने एक डाकिए का काम किया है। आज नहीं तो कल उसकी मौत होनी ही थी। गाड़ी नहीं पलटती तो उत्तर प्रदेश की सरकार पलट जाती। मध्य प्रदेश मे वह अपने आप को सुरक्षित मानकर उज्जैन में समर्पण करने आया था। उसकी मौत के बाद सभी राज दफन हो गए। जो एक सवाल खड़ा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के कानून व्यवस्था के हालात बद से बदतर बदतर हैं। उन्होंने कहा कि 21000 घोषणाएं अधूरी पड़ी हैं। किसानों पर फर्जी मुकदमे लगाने वाली सरकार फिर से आ गई है। सारे घटनाक्रम को जनता देख रही है। 10 दिन बाद सरकार का बजट आएगा लेकिन बजट कौन बना रहा इस पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री नहीं है। कैसे बजट बन रहा है। आर्थिक आय व्यय को किस तरह से साल भर आगे बढ़ाएंगे। पूरा भार जनता पर पड़ेगा। प्रदेश के साथ घोर अन्याय हुआ है। पिछले 4 महीने से एक कमजोर मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह साबित हुए हैं।

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