भारत बनाम साउथ अफ्रीका : कोहली ने खेली जबरदस्त पारी, बनाये 250 से अधिक रन

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पुणे में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय कप्तान विराट कोहली के बल्ले से रिकॉर्डों की झमाझम बारिश हुई. न जाने कितने छोटे-बड़े रिकॉर्ड विराट कोहली ने बना डाले. यह विराट कोहली के बल्ले से निकला सातवां दोहरा शतक रहा, लेकिन इसके बावजूद आलोचक का एक वर्ग ऐसा भी है, जो कोहली के लिए विराट चुनौती देख रहा है. अब विराट इस चैलेंज का जवाब कब देते हैं, यह देखने वाली बात होगी. पुणे में कोहली ने नाबाद 254 रन बनाए.


इसमें दो राय नहीं कि किसी भी देश के लिए सात दोहरे शतक बनाना अपने आप में ही किसी बल्लेबाज के बारे में बताने के लिए काफी है. कोहली का रुतबा कैसा है, यह आप इस बात से समझ सकते हैं कि जहां विराट ने अपने सभी सातों दोहरे शतक बतौर कप्तान के रूप में बनाए, तो भारतीय इतिहास टेस्ट इतिहास के शेष 32 कप्तान मिलकर कुल चार ही दोहरे शतक जड़ सके.

एक कप्तान के सात दोहरे शतक और बाकी बत्तीस के सिर्फ चार! जितनी प्रशंसा की जाए कम है, लेकिन इस रिकॉर्ड के बावजूद कोहली के लिए विराट चैलेंज सामने खड़ा है! वैसे कोहली के लिए चैलेंज पुणे टेस्ट से ही नहीं, बल्कि पिछले काफी समय से ही मुंह उठाए खड़ा था. और वह था दो सौ पचास प्लस का चैलेंज. इस चुनौती को भेदने के लेकर कोहली के प्रशंसकों के बीच तक चर्चा हुआ करती थी. जी हां, कोहली ने अपने सात दोहरे शतक में पहली पार ढाई सौ का आंकड़ा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छुआ. लेकिन अभी भी कोहली के सामने करुण नायर और वीरेंद्र सहवाग का चैलेंज सामने खड़ा है. और चैलेंज राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण का भी है. सहवाग ने अपने करियर में दो तिहरे शतक के अलावा ढाई सौ से ऊपर के दो स्कोर किए हैं.

वहीं, करुण नायर ने 303 रनों की नाबाद पारी खेली थी, तो वीवीएस लक्ष्मण ने 281 और द्रविड़ ने 270 रन की पारी खेली. मतलब कुल मिलाकर विराट कोहली के सामने असल चैलेंज अभी बाकी है. देखते हैं कि इस असल चैलेंज को हासिल कर कोहली कब आलोचकों के एक वर्ग को खामोश करते हैं.

Leave a Comment