आदिवासी समुदाय का अपमान और उपेक्षा करती रही है भाजपा

  • आदिवासी जनप्रतिनिधियों ने लगाए आरोप
  • कांग्रेस ने प्रदेश स्तर से लेकर ग्राम तक आयोजित किए।
  • कांग्रेस की वर्चुअल सभा में आदिवासी नेता व समाज से जुड़े लोग हुए शामिल।
  • आदिवासी विरोधी विचार धारा की संवाहक है मध्यप्रदेश सरकार।
  • विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा सरकार और संगठन ने नहीं किया कोई आयोजन।

भोपाल. मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार हमेशा आ​दिवासी विरोधी विचारधारा की संवाहक रही है। जब संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासी दिवस आयोजित कर मूल निवासियों को सम्मान दिया वहीं हमारे प्रदेश की भाजपा सरकार यह दिवस भूल गई। इस दिन न सरकार ने और न ही उनके संगठन ने कोई आयोजन किए न ही किसी सोशल माध्यम से बधाई दी। जबकि विभिन्न अवसरों पर राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक भाजपा वर्चुअल सभाएं कर रही है। यह समूचे आदिवासी समाज के लिए अपमान और उपेक्षा का विषय है। यह कहना है आदिवासी संगठन जयस के राष्ट्रीय संरक्षक हीरालाल अलावा का। गौरतलब है कि भाजपा इस दिन को भूल गई वहीं कांग्रेस ने प्रदेश स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक वर्चुअल आयोजन किए।

आदिवासी विरोधी है भाजपा

पूर्वगृहमंत्री और कांग्रेस विधायक बाल बच्चन का कहना है ​कि भाजपा ने हमेशा आदिवासी समुदाय की अनदेखी की है। भाजपा सरकार ने इनके विकास के लिए पिछले 3 सालों में अनुमोदित बजट उन्हें नहीं दिया जाता है वह योजनान्तर्गत खर्च भी नहीं किया जाता जबकि आदिवासियों के हिस्से का बजट अन्य योजनाओं या सर्वे में खर्च कर दिया जाता है। यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा ने अपना आदिवासी विरोधी चेहरा दिखाया हो। हमेशा आदिवासी समुदाय को अपने अधिकार से वंचित रखने के लिए भाजपा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब कांग्रेस संरकार सत्ता में आई तो माननीय पूर्व मुख्यमंत्री जी ने विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश में अवकाश की घोषणा की।

कांग्रेस ने रखा सम्मान

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना महामारी के कारण वर्चुअल सभा का आयोजन किया जिसमें आदिवासी नेताओं और वरिष्ठजनों को इस सभा से जोड़ा गया। इस अवसर पर कमलनाथ ने कहा कि आज के दिन में आप सब लोगों के साथ बैठकर चर्चा करना चाहता था लेकिन कोरोना महामारी के कारण आपसे वर्चुअल सभा के ज़रिये चर्चा कर रहा हूँ। सभी आदिवासी भाइयों को विश्व आदिवासी दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बड़ी खुशी है कि पिछले वर्ष आज के दिन हमने शासकीय अवकाश घोषित किया था। देश आजाद हुआ उसके बाद बहुत चुनौतियां थी हमारे जंगल में रहने वाले, जंगल से जुड़े हुए आदिवासी वर्ग और उनके विकास की और उनका भविष्य कैसे सुरक्षित रहें इसको लेकर। आज विश्व आदिवासी दिवस पर हम फिर से संकल्पित है कांग्रेस पार्टी फिर से संकल्पित है जो हमारी सोच रही है कि आदिवासियों का सर्वांगीण विकास कर सके।

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