भारत की गिरती अर्थव्यवस्था को देखते हुए मूडीज़ ने भारत की रेटिंग घटाई

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की रेटिंग पर अपने आउटलुक यानी नज़रिये को बदलते हुए इसे ‘स्थिर’ से ‘नकारात्मक’ कर दिया है.

उसने इसकी वजह भारत की आर्थिक विकास की स्थिति पहले की तुलना में कम रहना बताई है. एजेंसी का कहना है कि सुस्त अर्थव्यवस्था को लेकर जोखिम बढ़ रहा है.

रेटिंग एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि यह आउटलुक आंशिक रूप से आर्थिक सुस्ती को दूर करने में सरकार की नीतिगत अक्षमता को दिखाता है, इसके कारण पहले से बहुत अधिक कर्ज़ के दबाव में डूबे भारत पर कर्ज़ का बोझ और बढ़ा है.

दो साल पहले मूडीज़ ने भारत की रेटिंग को Baa3 से Baa2 किया था लेकिन अपनी नई रिपोर्ट में मूडीज़ ने लिखा कि, “देश में आर्थिक सुस्ती को गहराने और इस अवधि को लंबा होने से रोकने के भारत सरकार के उपायों के बावजूद, ग्रामीण परिवारों की आमदनी पर लंबे समय से पर रहे प्रभाव, रोज़गार सृजन की कमज़ोर स्थिति और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में बढ़ती क्रेडिट के संकट ने आर्थिक सुस्ती की संभावना को बढ़ा दिया है.”

एजेंसी ने लिखा कि, “अगर जीडीपी दर में मामूली वृद्धि अपने उच्च दर पर नहीं लौटती, तो सरकार को बजटीय घाटे और बढ़ते कर्ज़ को रोकने जैसी मुश्किलों को कम करने में महत्वपूर्ण बाधाओं का सामना करना पड़ेगा.”

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