भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उठाए GDP पर सवाल, कहा- खुद संतुष्ट नहीं था बनाने वाला

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को फिर लोकसभा में जीडीपी का मुद्दा उठाया. उन्होंने अपने सोमवार के बयान पर कहा कि मुझे सोशल मीडिया पर गाली पड़ रही है. मैं मांग करता हूं कि सोशल मीडिया पर बैन लगना चाहिए, साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि जीडीपी किसने बनाया था.

निशिकांत दुबे ने कहा कि जिस वक्त आर्टिकल 105 बना था उस दौरान सोशल मीडिया नहीं था. ब्रेकिंग न्य़ूज नहीं था. सोमवार को मैं जीडीपी पर चर्चा कर रहा था. मैंने जीडीपी बनाने वाले साइमन कुजनेट्स की 1934 की रिपोर्ट कोट की. वो खुद ही जीडीपी से संतुष्ट नहीं थे और पूरी दुनिया में उस पर चर्चा चल रही है.

बीजेपी सांसद ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन भी अपनी एक रिपोर्ट में कह चुके हैं कि जीडीपी कोई पैमाना नहीं है. मैंने कल अपनी बात कही और प्रमाण के साथ कही. जिसको जीडीपी मानना है वो मानेगा लेकिन सोशल मीडिया पर मुझे गाली दी गई. मैं मांग करता हूं कि सोशल मीडिया पर बैन लगना चाहिए.

क्या कहा था निशिकांत दुबे ने?

जीडीपी का मुद्दा सोमवार को लोकसभा में उठा. गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के सदन में GDP को लेकर दिए गए बयान पर हंगामा हो गया. लोकसभा में निशिकांत दुबे ने कहा कि जीडीपी 1934 में आई, इससे पहले कोई जीडीपी नहीं थी, सिर्फ जीडीपी को बाइबल, रामायण या महाभारत मान लेना सत्य नहीं है और भविष्य में जीडीपी का बहुत ज्यादा उपयोग नहीं होगा. जीडीपी से अधिक जरूरी है आम आदमी का स्थायी आर्थिक कल्याण होना, जो हो रहा है.

चिदंबरम क्या बोले थे?

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने निशिकांत दुबे के बयान पर कहा कि देश की इकोनॉमी को भगवान बचाएं. उन्होंने कहा कि जीडीपी संख्या अप्रासंगिक है, व्यक्तिगत कर में कटौती की जाएगी, आयात शुल्क बढ़ाया जाएगा. ये बीजेपी के रिफॉर्म्स के विचार हैं. भगवान बचाएं देश की इकोनॉमी.

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