हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने दिया इस्तीफा

हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर बांटे जा रहे टिकटों की खरीद-बिक्री का आरोप लगाया है. आपको बता दें कि अशोक तंवर की काफी दिनों से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी तनातनी चल रही थी. हाल में अशोक तंवर से प्रदेश की कमान छीनकर कुमारी शैलजा को दी गई है. हरियाणा में बीच चुनाव के बीच अशोक तंवर का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है. तंवर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र में आरोप लगाया कि पार्टी को खत्म करने की साजिश रची जा रही है. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफा दे दिया था. तंवर ने कहा कि उनके सामने पार्टी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था और वह फिलहाल भाजपा या किसी अन्य पार्टी में शामिल होने नहीं जा रहे हैं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी के करीबियों की ”राजनीतिक हत्या” की जा रही है.

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इससे पहले तंवर ने हुड्डा पर तंज कसते हुए कहा था, ‘देश में लोकतंत्र है, लेकिन हरियाणा में बड़े-बड़े राजघराने हैं. कुछ हमारी पार्टी में हैं और कुछ लोग दूसरी पार्टी में हैं. मेरे खिलाफ असहयोग आंदोलन चलाया, लेकिन लोकसभा चुनाव में छह फीसदी वोट बढ़ा.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि हरियाणा कांग्रेस अब ‘हुड्डा कांग्रेस’ बनती जा रही है. तंवर ने टिकट वितरण में मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बताया जाए कि किन मापदंडों के आधार पर टिकट दिए गए हैं.

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उन्होंने दावा किया, ‘जिन्होंने पांच साल तक खून पसीना बहाया उनकी टिकट वितरण में अनदेखी. नेतृत्व चाहता था लेकिन कुछ लोगों ने नहीं होने दिया. जो कार्यकर्ता अच्छी स्थिति में थे वे गुटबाजी की भेंट चढ़ गए.’ टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तंवर ने यह भी कहा कि वह जरूरत पड़ने पर इसके सबूत सोनिया गांधी को सौंपेंगे. राज्य की सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए 21 अक्टूबर को मतदान और 24 अक्टूबर को मतगणना होगी.

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