सिंधिया के भाजपा में जाते ही पार्टी नेताओं की बढ़ी परेशानी

-जिला कार्यसमिति से मंडल अध्यक्षों तक की घोषणा पर लगी रोक

भोपाल.रतलाम. कांग्रेस से बगावत कर समर्थकों के साथ ज्योतिरादित्य के भाजपा में शामिल होते ही पुराने व वरिष्ठ भाजपाई नेताओं की परेशानी बढ़ गई है. ताजा मामला रतलाम जिले से जुड़ा हुआ है. भाजपा की जिला कार्यसमिति व दो मंडल में अध्यक्षों की घोषणा को पार्टी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिंया समर्थकों ने रोक दिया है. कुछ दिन पूर्व तक 20 जुलाई तक जिला कार्यसमिति सहित मंडल अध्यक्षों की घोषणा का दावा करने वाली पार्टी ही अब कह रही है कि इस माह के अंत तक घोषणा की जाएगी. इसकी वजह सिंधिंया समर्थकों को एडजस्टमेंट करना होगा.

अधिक समय नहीं हुआ जब भाजपा की रीति व नीति का विरोध करने वाले केके सिंह कालुखेड़ा व निमिष व्यास सहित अन्य पूर्व कांग्रेसी नेता आने वाले दिनों में भाजपा के पदाधिकारी बनेंगे. इन नेताओं सहित अन्य को पार्टी का पदाधिकारी बनाने के लिए भाजपा ने जिला कार्यसमिति को रोका हुआ है.

भाजपा सूत्रों के अनुसार जिले के दो बड़े में से एक पूर्व के कांग्रेसी नेता आने वाले दिनों में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में जाएंगे. इसलिए ही जिला कार्यसमिति को रोका गया है. इनके अलावा भाजपा में स्थानीय दो बड़े नेता भी प्रदेश कार्यसमिति के लिए लगातार प्रयास कर रहे है. एक नेता ने तो एक सप्ताह पूर्व ही अपने समर्थकों के साथ भोपाल की यात्रा की है जिला संगठन ने इसके चलते ही कार्यसमिति की घोषणा को रोक दिया है।

मंडल को लेकर फंसा हुआ पेंच
शहर में भाजपा के दो मंडल को लेकर पेंच फंसा हुआ है. कुशाभाऊ ठाकरे मंडल व मुखर्जी मंडल में नई नियुक्ति होना है. ठाकरे मंडल में पार्टी राकेश परमार के स्थान पर अब आदित्य डागा, विपिन पोरवाल में से एक को को दायित्व देना चाहती है. मुखर्जी मंडल में जयवंत कोठारी के स्थान पर बदलाव के बाद गौरव त्रिपाठी व नंदकिशौर पंवार में से एक को यह जवाबदारी दी जाएगी. इनके नाम की भी घोषणा जिला कार्यसमिति के वजह से रुक गई है.

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