लंबे समय से बीमार चल रहे कादर खान के निधन से दुखी हैं अमिताभ बच्चन, बताया फिल्म इंडस्ट्री का प्रतिभाशाली व्यक्ति

मुंबई। लंबे समय से बीमार चल रहे कादर खान का 31 दिसम्बर को निधन हो गया। खान कनाडा के एक अस्पताल में भर्ती थे। उनके बेटे ने अभिनेता के निधन की खबर की पुष्टि की है, खान को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और डॉक्टर उन्हें नियमित वेंटीलेटर और बीपीएपी वेंटीलेटर पर रख रहे थे।

जाने माने अभिनेता एवं लेखक कादर खान के निधन पर मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें सबसे प्रतिभाशाली व्यक्ति बताया। बच्चन और खान ने ‘दो और दो पांच’, ‘मुकद्दर का सिकन्दर’, ‘मिस्टर नटवरलाल’, ‘सुहाग’, ‘कुली’ और ‘शहंशाह’ जैसी फिल्मों में एक-साथ काम किया। बिग बी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘कादर खान का निधन हो गया. दुखद खबर. मेरी प्रार्थनाएं और संवेदनाएं. बेहतरीन मंच कलाकार, सबसे करुणामय और फिल्मों के सबसे प्रतिभाशाली.’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मेरी अधिकतर सफल फिल्मों के प्रख्यात लेखक. बेहतरीन साथी और एक गणितज्ञ.’’

बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि अमिताभ बच्चन के करियर में कादर खान का बहुत बड़ा हाथ रहा है, ये उस वक्त की बात है जब अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की जुगत में लगे हुए थे और उनके हाथ कुछ अच्छी फिल्में लगी थी। ये वो वक्त था जब फिल्म इंडस्ट्री करवट ले रही थी और वो अपने लिए कुछ नए सुपरस्टार्स की तलाश कर रही थी। यूं तो अमिताभ बच्चन के सामने धर्मेंद्र और राजेश खन्ना जैसे बड़े सुपरस्टार्स थे, लेकिन वो लगातार अपने लिए कुछ ऐसा तलाश रहे थे जिससे वो दर्शकों के दिल में उतर सकें और अपने लिए एक खास मुकाम बना सकें।

कादर खान बॉलीवुड में साल 1973 से हैं। उन्होंने फिल्म ‘दाग़’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा, इस दौरान उन्होंने अपने करियर में हर तरह की फिल्में की। विलेन, कॉमेडियन, गंभीर किरदार से लेकर अंधे तक का रोल उन्होंने बखूबी निभाया। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और कई सुपरहिट फिल्मों के संवाद भी लिखे। खास बात ये है कि अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी हिट्स में शामिल शराबी, लावारिस, मुकद्दर का सिकंदर, अमर अकबर एंथनी, नसीब और सत्ते पे सत्ता जैसी फिल्मों के संवाद भी कादर खान की कलम से ही निकले थे।

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