कर्ज में डूबे होने के बाद भी मप्र के सरकारी खजाने से निकल गए 60 करोड़

भोपाल। मध्य प्रदेश की माली हालत किसी से छुपी नहीं है। सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। सभी प्रकार के भत्ते यहां तक कि पेंशन प्रकरण भी रोक दिए गए हैं। आम जनता पर बेतहाशा टैक्स लगाया जा चुका है। मध्यप्रदेश के आम नागरिकों को 1 लीटर पेट्रोल पर सभी प्रकार के टैक्स के अलावा ₹5 प्रति लीटर अतिरिक्त देना पड़ रहा है। लोगों को मनमाने बिल भेज दिए हैं ताकि सरकारी खजाने में कुछ एक्स्ट्रा आ जाए। किसी सरकारी खजाने से ₹600000000 निकालकर सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए नया विमान खरीद लिया गया है।

मध्यप्रदेश पर कितना कर्ज है और इससे आम जनता को क्या

यह तो सभी को याद होगा कि मध्यप्रदेश पर 200000 करोड रुपए का कर्जा है। यानी इसकी भरपाई के लिए वर्तमान में लागू टैक्स के अलावा प्रति व्यक्ति (प्रति परिवार नहीं) करीब ₹35000 अतिरिक्त (किसी भी प्रकार के नए टैक्स या फिर मनमाने बिजली बिल) चुकाना होंगे। क्योंकि सरकार ने जनता के लिए विकास के नाम पर लोन लिया है अत: चुकाना भी जनता को ही पड़ेगा। 

575 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से उड़ेंगे सीएम शिवराज सिंह चौहान

राजधानी में नया सरकारी विमान मंगलवार को आ गया है। बीच क्राफ्ट कंपनी का यह विमान प्रदेश सरकार को कस्टम ड्यूटी मिलाकर करीब 60 करोड़ का पड़ा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से वाले इस विमान किंग एयर बी-250 है, जबकि इसके पूर्व जिस विमान को प्रदेश सरकार ने बेचा है वह बी-200 था। नए विमान की अधिकतम गति 575 किमी प्रतिघंटा है। नए 7 सीटर विमान बीच क्राफ्ट किंग एयर बी-250 जीटी में उड़ान भरेंगे। 

अमेरिकी कंपनी को भुगतान भी कर दिया, एक पैसा नहीं रोका

डीजीसीए की पूरी प्रक्रिया होने के बाद मुख्यमंत्री नए विमान में उड़ान भरते नजर आएंगे। विमान को भारत में रजिस्टर्ड कराने से लेकर अन्य प्रक्रिया पूरी करने में करीब 10 दिन का समय लगेगा। अमेरिकी कंपनी को भुगतान भी कर दिया गया था। कितनी अजीब बात है, जिस प्रदेश में पैसा नहीं होने के कारण शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा रही, उस प्रदेश के सरकारी खजाने से विमान सप्लाई करने वाली कंपनी को विमान डिलीवर करते ही फुल एंड फाइनल पेमेंट कर दिया गया।

शिवराज सिंह चौहान 100 करोड़ वाला विमान खरीदना चाहते थे

शिवराज सिंह ने अपने तीसरे कार्यकाल में 100 करोड़ रुपये का जेट प्लेन खरीदने का निर्णय लिया था। इसके बाद कमलनाथ सरकार आने पर इस निर्णय को बदल दिया गया था। तत्कालीन सीएम कमलनाथ का कहना था कि जेट बहुत महंगा है और इसका उपयोग केवल भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में हो सकता है। ऐसे में इसकी जगह एयर किंग 250 प्लेन खरीदने का निर्णय लिया गया, जिसकी कीमत जेट से आधी तो है ही साथ में ये विमान छिंदवाड़ा, बिरवा, दतिया, गुना, खरगोन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सीधी, सिवनी, शिवपुरी, उमरिया, झाबुआ और उज्जैन हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने में सक्षम होगा।

सरकार ने पुराना विमान कितने में बेचा 

यह अपने आप में काफी मजेदार और अनुसंधान के योग्य आंकड़ा है। नया विमान 60 करोड़ में खरीदा और पुराना अभिमान 8 करोड़ में बेच दिया। खरीदने वाली कंपनी गुजरात की है। इसके पहले सरकार एक हेलीकाप्टर भी बेच चुकी है।प्रदेश सरकार के पास 2013 में खरीदा हुआ एक हेलीकॉप्टर बचा है। ऐसे में नया विमान आने के बाद सरकारी हवाई बेड़े में एक विमान और एक हेलीकाप्टर हो जाएंगे।

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