आयुष्मान से जुड़े 170 अस्पताल कर सकेंगे इलाज, इनमें 59 भोपाल के; नए अस्पतालों के 20% बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व

प्रदेश में शुक्रवार को एक दिन के सबसे ज्यादा 2240 नए मामले सामने आए। इसी के साथ एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 18992 हो गई है। ऐसे में सरकार से अनुबंधित कोविड अस्पतालों, प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ने से सामान्य और आईसीयू बेड फुल हो रहे हैं। भविष्य में स्थिति और भयानक न हो, इसके लिए सरकार ने इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।

स्वास्थ्य संचालनालय ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत 170 अस्पतालों को कोरोना मरीजों का इलाज करने को कहा है। इसके तहत इन अस्पतालों के 20% बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं। इन 170 अस्पतालों में 59 भोपाल के हैं। यानी जो भी आयुष्मान कार्डधारक संदिग्ध या पॉजिटिव कोरोना मरीज इन अस्पतालों में इलाज के लिए जाते हैं, उन्हें अस्पताल भर्ती करने से मना नहीं कर सकेंगे। यदि कोई नॉन आयुष्मान पेशेंट यहां इलाज कराता है तो उसे भुगतान करना होगा।

सरकारी कर्मचारी रेमडेसिविर अपने व्यय पर ले सकेंगे
भोपाल। प्रदेश के सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार के आश्रित सदस्य अगर कोरेाना से संक्रमित होते हैं तो ऐसी दशा में प्रदेश के सभी जिलों के अशासकीय निजी चिकित्सालय में आंतरिक रोगी के रूप में जांच या उपचार कराने पर चिकित्सा व्यय की प्रतिपूति की जाएगी। कर्मचारी फेविपिराविर टेबलेट, रेमडेसिविर इंजेक्शन , टास्लीजुमेब इंजेक्शन आदि के चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति करेगा। सरकारी कर्मचारी कोविड 19 इलाज के चिकित्सा देयक अपने विभाग के माध्यम से जिले के सिविल सर्जन के प्रतिहस्ताक्षर करवाने के बाद कर्मचारी के सबंधित विभाग द्वारा ऐसे चिकित्सा देयकों में नियमानुसार भुगतवान की कार्यवाही की जाएगी।

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