मप्र भाजपा के सह प्रभारी और यूपी की इटावा लोकसभा से सांसद रामशंकर कठेरिया को दो साल की सजा

दिग्विजय ने कहा- अब देखते हैं कि जिस तरह राहुल की सदस्यता 24 घंटे में समाप्त कर दी गई थी, इनकी सदस्यता समाप्त होती है या नहीं?

भोपाल – मप्र भाजपा के सह प्रभारी और यूपी की इटावा लोकसभा से सांसद रामशंकर कठेरिया को दो साल की सजा सुनाई गई है। सांसद रामशंकर कठेरिया को MP/MLA कोर्ट ने शनिवार को 50 हजार जुर्माना भी लगाया।उन्हें बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी के अधिकारी से मारपीट और बलवा का दोषी करार दिया गया। कोर्ट के इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश में भी राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सांसद कठेरिया को सजा होने मामले में लोकसभा अध्यक्ष से संसद सदस्यता खत्म करने की मांग की है।

दिग्विजय बोले- लोकसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता का पता चलेगा

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा- अब देखते हैं कि जिस तरह राहुल गांधी की सदस्यता 24 घंटे में समाप्त कर दी गई थी, इनकी सदस्यता समाप्त होती है या नहीं? आगे इसी से पता चलेगा कि हमारे लोकसभा के अध्यक्ष कितनी निष्पक्षता से काम करते हैं। साथ में जब राहुल गांधी की सजा को स्थगित कर दिया गया है। उनकी सदस्यता कब तक बहाल होती है, इस पर भी देखते हैं।

2011 का है मामला


रामशंकर कठेरिया केंद्रीय राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। घटना के समय वे आगरा के सांसद थे। 2 साल की सजा होने के बाद रामशंकर कठेरिया की संसद की सदस्यता जा सकती है। मामला 16 नवंबर 2011 का है।

2011 में की थी टोरंट अधिकारी से मारपीट


जिस घटना में कठेरिया को सजा सुनाई गई है, वह 16 नवंबर 2011 की दोपहर करीब 12.10 बजे की है। टोरंट पावर लिमिटेड, आगरा के साकेत मॉल स्थित ऑफिस में मैनेजर भावेश रसिक लाल शाह बिजली चोरी से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे थे। तभी स्थानीय सांसद रामशंकर कठेरिया 10-15 समर्थकों के साथ आए और भावेश रसिक लाल शाह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसमें शाह को काफी चोटें आई थीं। इस घटना की टोरंट पावर के सुरक्षा निरीक्षक समेधी लाल ने हरीपर्वत थाने में तहरीर दी थी। इस पर रामशंकर कठेरिया और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। थाना हरीपर्वत पुलिस ने कठेरिया के खिलाफ ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में गवाही और बहस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैसला सुनाया गया।

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