भाजपा राज में मध्यप्रदेश में आदिवासी अत्याचारों का गढ़ बना दिया है – विक्रांत भूरिया

आदिवासी समाज की वास्तविक हितैषी कांग्रेस पार्टी ही है – रामू टेकाम

बुरहानपुर – मध्यप्रदेश आदिवासी विभाग अध्यक्ष यात्रा के संयुक्त नेतृत्वकर्ता रामू टेकाम एवं विक्रम भूरिया ने मंगलवार को बुरहानपुर में बताया कि सीधी जिले से दिनांक 17 जुलाई से चल रही आदिवासी स्वाभिमान यात्रा 7 अगस्त को झाबुआ में समाप्त होगी यह यात्रा 17 जिलों की लगभग 36 सीटों से होकर गुजर रही है समापन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह पूर्व सांसद एवं प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं विधायक कांतिलाल भूरिया एवं विधायक एवं नेतागण उपस्थित रहेंगे। आदिवासी स्वाभिमान यात्रा बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा में यह यात्रा दिनांक 1 अगस्त को सुबह 11 बजे आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रामू टेकाम एवं युवा कांग्रेस मध्यप्रदेश के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया जी के संयुक्त नेतृत्व में खतला पहुंची। यहां जनसंपर्क एवं रोड शो करते हुए यह यात्रा धूलकोट होते हुए बोरी कृषि मंडी पहुंची जहां 1 बजे आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष रामू टेकाम एवं एवं मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया जी संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता के माध्यम से आदिवासी स्वाभिमान यात्रा के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इसके बाद एक जनसभा का कार्यक्रम हुआ जिसे विक्रांत भूरिया जी संबोधित संबोधित किया और कहा कि मध्यप्रदेश के सीधी जिले में हमारे आदिवासी भाई के ऊपर पेशाब करने वाला भाजपा का नेता था, नेमावर में हमारे आदिवासी समाज के एक ही घर के 5 लोगों की हत्या करने वाले भी भाजपा से जुड़े थे, नीमच में हमारे आदिवासी भाई को गाड़ी में बांधकर घसीटने वाले उसके हत्यारे भी भाजपा से जुड़े थे, गुना के आदिवासी भाई को प्रताड़ित करने वाले भी भाजपा से जुड़े थे, सिवनी जिले में दो आदिवासी भाइयों को गौ मांस ले जाने के शक में उनकी पत्नी के सामने पीट-पीटकर मार डालने वाले भी बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता थे। इस घटना के बाद जब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने सच का साथ दिया और भाजपा बजरंग दल से जुड़े लोगों पर एफ आई आर दर्ज की तो भाजपा की सरकार ने उसका तबादला कर दिया । प्रदेश में हुई इन सब घटनाओं से स्पष्ट है कि भाजपा सरकार आदिवासी विरोधी है । भाजपा के नेता आदिवासियों के भक्षक बन गए हैं। इन सबके बाद मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार विज्ञापनों में और प्रदेश के मुख्यमंत्री भाषणों में बड़े-बड़े दावे करते हैं।
विक्रांत भूरिया ने कहा कि भाजपा सरकार के सारे विज्ञापन झूठे हैं और मुख्यमंत्री के सारे दावे खोखले और किताबी हैं। भाजपा सरकार में मध्यप्रदेश में अराजकता का वातावरण है। आदिवासी स्वाभिमान यात्रा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश पर आदिवासियों को जगाने के लिए निकाली जा रही है, यह यात्रा आदिवासियों के जख्मों पर मरहम लगाने का भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समुदाय के साथ ही हर पीड़ित, शोषित के साथ पूरी ताकत से खड़ी है और खड़ी रहेगी।
विक्रांत भूरिया ने कहा कि देश के मणिपुर राज्य में आदिवासी महिलाओं के साथ किया गया अमानवीय व्यवहार सभी ने देखा है, किस तरह से आदिवासी मां बहनों को नग्न करके घुमाया गया, उनके साथ गैंगरेप किया गया, उनके परिवार जनों की हत्या की गई, घटना के ढाई महीने बाद तक भाजपा सरकार की पुलिस ने एफ आई आर तक दर्ज नहीं की और जब घटना का वीडियो वायरल हुआ तब जाकर उस घटना पर एफ आई आर दर्ज की गई ।
श्री भूरिया ने आगे कहा कि देश में एक तरफ मणिपुर जल रहा था, अराजकता फैली हुई थी दूसरी तरफ हमारे देश के प्रधानमंत्री कर्नाटक में चुनाव प्रचार में लगे थे, विदेश दौरे कर रहे थे, ट्रेनों को हरी झंडी दिखा रहे थे और आज भी देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, चुनावी राज्यों में चुनावी रणनीति बनाने में लगे हैं । आगे कहा कि देश देख रहा है, देश और आदिवासी समाज जाग रहा है, और हमारी आदिवासी स्वाभिमान यात्रा का उद्देश्य भी आदिवासी समाज और देशवासियों को जगाना है, जागरूक करना है।
रामू टेकाम ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आदिवासी वर्ग के साथ हो रहे जघन्य अपराधों पर भाजपा की सरकार पर्दा डालना चाहती है, छुपाना चाहती है और कहीं ना कहीं भाजपा सरकार का संरक्षण अपराधियों को है। कितने शर्म की बात है मणिपुर की घटना के 78 दिन बाद राज्य सरकार एक आरोपी को पकड़ पाती है। देश के प्रधानमंत्री मणिपुर में फैली अराजकता के 78 दिन तक हालातों को अनदेखा करते हैं जबकि मणिपुर की राज्यपाल हमारी आदिवासी बहन अनुसुइया उइके ने मीडिया में सार्वजनिक रूप से बताया है कि उन्होंने केंद्र सरकार को मणिपुर के हालातों के बारे में अवगत कराया था और कहा था कि मणिपुर जैसी दर्दनाक हिंसा अपने जीवन में कभी नहीं देखी है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, मणिपुर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आज भी केंद्र सरकार द्वारा मणिपुर की उपेक्षा एवं अनदेखी की जा रही है जिससे लोग दुखी हैं।
रामू टेकाम ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस पार्टी ने ही आदिवासी समाज के हितों की वास्तविक चिंता की है एवं हमेशा उन्हें अपनी प्राथमिकता के क्रम में प्रथम पायदान पर रखा है और आदिवासी समाज ने भी हमेशा कांग्रेस पार्टी का साथ दिया है। देश प्रदेश में आदिवासी समुदाय पर हो रहे अत्याचार की घटनाओं से दिल दुखी है। विशेषकर मणिपुर की घटना सभी को शर्मसार करने वाली है।
सभा को संबोधित करते श्री टेकाम ने कहा कि आदिवासी समाज की वास्तविक हितैषी कांग्रेस पार्टी ही है हमें यह बात लोगों को समझानी होगी। कांग्रेस पार्टी की सरकार में विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त पर शासकीय अवकाश घोषित किया गया था जिसे भाजपा सरकार ने बनते ही बंद कर दिया है। आने वाले समय में जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनेगी। हम विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त पर शासकीय अवकाश घोषित करने का काम करेंगे। इस कार्यक्रम में आज पूर्व विधायक हामिद काजी , जिला अध्यक्ष रिंकू टॉक , अध्यक्ष रामकिशन पटेल, प्रदेश महामंत्री अजय रघुवंशी संगठन मंत्री अशोक पाटिल , कार्यकारी अध्यक्ष हर्षित, जिला पंचायत सदस्य गेंदु बाई चौहान, कमल अग्रवाल इत्यादि प्रमुख उपस्थित थे।

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