पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यहां आकर छिंदवाड़ा जिले का सम्मान किया है – कमलनाथ

छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 3 दिवसीय रामकथा का आगाज

छिंदवाड़ा – छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 3 दिवसीय रामकथा का शनिवार से आगाज हो गया है। मुख्य यजमान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे व छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ हैं। कथा सिमरिया में 7 अगस्त तक हर दिन शाम 4 बजे शुरू होकर शाम 7 बजे तक चलेगी।
कथा के पहले दिन ही भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने के लिए लोग नागपुर रोड पर लंबी कतार लगाए खड़े रहे। इस दौरान छिंदवाड़ा-नागपुर हाइवे पर आधा किलोमीटर से लंबा जाम लग गया। इस वजह से पंडित धीरेंद्र शास्त्री लेट हो गए। करीब पौने 7 बजे कथा शुरू हुई। इससे पहले कमलनाथ ने संबोधित किया।

40 साल पहले का छिंदवाड़ा और अब के छिंदवाड़ा में बहुत फर्क

कमलनाथ ने कहा कि 40 साल पहले का छिंदवाड़ा और वर्तमान के छिंदवाड़ा में बहुत फर्क है। यहां पर बैठे सभी बुजुर्ग जानते हैं। उन्होंने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने यहां आकर छिंदवाड़ा जिले का सम्मान किया है। कमलनाथ ने कहा कि वह बागेश्वर धाम सरकार से यह आश्वासन लेना चाहते हैं कि वे कभी भी छिंदवाड़ा आना ना छोड़ें।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- ये राम कथा आदिवासियों के सम्मान में

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बागेश्वरधाम आकर हमसे कहा था कि आप सिमरिया में हनुमान मंदिर के दर्शन करने आए। कमलनाथ ने 15 साल पहले 101 फीट 8 इंच ऊंची हनुमान जी प्रतिमा बनवाई थी। कमलनाथ ने कहा कि आप सिमरिया आते रहेंगे तो मैंने कहा इन पागलों को छोड़कर जाएगा भी कौन। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि आज की यह राम कथा आदिवासियों के सम्मान में की जा रही है।

कमलनाथ ने आरती उतारकर किया स्वागत

इससे पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दोपहर 12 बजे इमलीखेड़ा एयर स्ट्रिप पहुंचे। यहां सांसद नकुलनाथ और उनके समर्थकों ने उन्हें रिसीव किया। एयर स्ट्रिप से वे सीधे कमलनाथ के शिकारपुर स्थित आवास पहुंचे। यहां पूर्व सीएम कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ ने उनकी आरती की।

वाटर प्रूफ पंडाल, प्लाईवुड का फ्लोर

रामकथा के लिए ढाई लाख स्क्वायर फीट एरिया में वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है। 100×800 स्क्वायर फीट एरिया के तीन पार्ट बनाकर श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। प्लाईवुड का फ्लोर बनाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए कथास्थल पर ही चार दिन तक निशुल्क खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। करीब दो लाख श्रद्धालुओं के कथा में आने का अनुमान है।
कथा के लिए भव्य और आकर्षक स्टेज बनाया गया है। पीछे की तरफ थर्माकोल के मंदिर बनाए गए हैं। यहां हनुमान जी समेत अन्य देवी-देवता विराजित किए गए हैं।

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