कांग्रेस सरकार आने पर बांस शिल्पकार बसोर समाज को मिलेगा न्याय: कमलनाथ

बांस शिल्पकार समाज के उत्थान के लिए काम करेगी कांग्रेस: कमलनाथ

भोपाल – अखिल भारतीय बसोर ‘समाज’ विकास समिति के तत्वाधान में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्रीद्वय कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह मुख्य अतिथि के बतौर शामिल हुये।
बड़े दुख की बात है कि आपका समाज उपेक्षित है। बांस का उपयोग पूरे भारत वर्ष में किया जाता हैं, मजदूर वर्ग से लेकर सभी समाज के लोग बांस का उपयोग करते हैं, बांस के बर्तन, बांस की कारीगरी आज पूरी तरह से विलुप्त सी होती जा रही है। हम आपको विश्वाश दिलाते हैं कि कांग्रेस सरकार बनने पर बांस शिल्पकार बसोर समाज के साथ न्याय किया जायेगा। आपकी जो भी मांगे हैं, कांग्रेस के वचन पत्र में उन्हें शामिल कर प्राथमिकता से उन्हें पूरा किया जायेगा। आपके समाज को सम्मान दिया जायेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राजधानी के हिन्दी भवन में आयोजित अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति के प्रतिनिधियों के 18 वें महासम्मेलन को संबोधित करते हुये उक्त बातें कहीं।
श्री नाथ ने कहा कि देश और प्रदेश की तस्वीर आप सबके सामने है। आज प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। शिवराज सिंह 18 सालों से मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन्हें पहले न तो बहनों की याद आई और न ही कर्मचारियों की, चुनाव को देख उनकी झूठ की मशीन भी डबल स्पीड से चलने लगी है। आप सभी लोग शिवराज की कलाकारी को अच्छे से समझते हैं। शिवराज का केवल मुंह चलता है। मुंह चलाने और सरकार चलाने में बहुत अंतर है। प्रदेश की जनता ने अब शिवराज की झूठ की राजनीति को खत्म करने का पूरा मन बना लिया है, जनता अब शिवराज को घर बैठायेगी।पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने कहा कि शिवराज सरकार ने प्रदेश को गर्त में धकेल दिया है, 18 वर्षों से भाजपा की सरकार प्रदेश में है, लेकिन बांस शिल्पकार समाज को अछूता रखा है। शिवराज ने सभी समाजों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की, लेकिन बांस शिल्पकार समाज को इन योजनाओं से अछूता क्यों रखा..? आप यह सबसे बड़ा प्रष्न है। कांग्रेस की सरकार बनेगी तो इस समाज द्वारा किये जाने वाले कामों को सभी दिशा प्रदान की जायेगी।
अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति के (राष्ट्रीय अध्यक्ष व्ही.के. कोण्डेलकर ने कहा कि भारत देश में बांस शिल्पकार समाज एवं उसकी उपजातियों की मांगों का निराकरण करवाने के लिये अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति पिछले कई वर्षाे से प्रयासरत है, लेकिन केन्द्र सरकार/राज्य सरकारों ने आज दिनांक तक निराकरण करवाने हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाये हैं, जिससे कि इस समाज की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। बांस शिल्पकार समाज एवं उसकी उपजातियाँ इस देश की नींव का पत्थर है। हमारे पूर्व महापुरूषों, समाज सेवियों की पार्टी सेवा, समाज सेवा और जनसेवा के पश्चात बांस शिल्पकार समाज का भाग्य उदय नहीं हुआ। म.प्र. सरकार ने हर समाज के लिये एक से बढ़कर एक उपहार स्वरूप योजनाएं, अनुदान या विभाग निगम, मंडलों की जिम्मेदारी दी गयी है। यहाँ तक कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हम्मालों के लिये, कामकाजी महिलाओं के लिए, वाल्मीक समाज के लिये एवं अन्य स्वर्ण समाज सम्मेलनों में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति प्रदान कर योजनाओं और अनुदान की घोषणाओं का अम्बार लगा दिया, लेकिन बार-बार निवेदन करने के बाद भी अपनी गरिमामय दर्शन देने के लिये मा. मुख्यमंत्री जी को समय नहीं है।
महासम्मेलन समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजू बिछोले ने कहा कि बांस शिल्पकार समाज एवं उसकी उपजातियों की आर्थिक एवं सामाजिक व राजनैतिक तथा शैक्षणिक स्थिति ठीक नहीं है जिससे वे अपनी जीविका सम्मानजनक एवं सुचारू रूप से चला सकें। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारों को बांस शिल्पकार समाज एवं उसकी उपजातियों की आर्थिक का सर्वे करना चाहिए और समाज का मुख्य व्यवसाय बांस का है।
बांस शिल्पकार समाज की मांग है कि देश के विभिन्न राज्यों में घोषित बसोर, बराहर, बसोड़, बरगुंडा, बरार, बुरार, बेरार, बसार, वंशफोर, धानुक जाति को बांस शिल्पी का दर्जा दिया जाए। विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जाति की सूची में बसोर/बसोड़, धानुक जाति एवं उसकी उपजातियों के स्थान पर वंशकार या बांस शिल्पी जाति का नाम सम्मिलित किया जाए, शैक्षणिक, आर्थिक, रोजगार की स्थिति का संरक्षण करने के लिए राष्ट्रीय बांस शिल्प आयोग या बांस हस्तकला एवं वित्त विकास निगम का गठन किया जाए। जनसंख्या के आंकलन के लिए जनगणना विभाग एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आदेश जारी किए जाऐं। बांस शिल्पकार समाज एवं उसकी उपजातियों को छुआछूत से मुक्त करने के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा-17 (2) में संशोधन एवं अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति के संगठन में से राष्ट्रीय स्तर पर/ राज्य स्तरीय/ जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति में सदस्य रखने हेतु प्रावधान किया जाए आदि विभिन्न मांगों को सम्मेलन के माध्यम से रखा।
अखिल भारतीय बसोर ‘समाज’ विकास समिति के राष्ट्रीय सचिव एवं संयोजक आयोजन समिति रवि वर्मा ने कहा कि बांस शिल्पकार समाज वह समाज है जिसकी आवश्यकता हर वर्ग के लोगों को होती है, इस समाज की माताएं पूर्व में घर-घर जाकर दाई का काम करती थी, बांसों के बर्तन जैसे सूपा, डलिया, बिजना आदि बनाकर अपना जीवन यापन करते है। लेकिन आज ये सब चीजें भी बनने प्रायः समाप्त सा होता जा रहा है। अपेक्षा और पूर्ण विश्वास के साथ में आप सभी से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस सरकार आने पर इस समाज को पूरा सम्मान और अधिकार मिलेगा।
कार्यक्रम में विधायक पी.सी. शर्मा जी, आरिफ मसूद जी, श्री जे.पी. धनोपिया, मोनू सक्सेना रविन्द्र साहू के.डी. राही आर.आर. बंसल, सहित समाज के प्रतिनिधि व प्रदेश से सामाजिक प्रतिनिधि व मातायें बहनें उपस्थित हुईं।

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