अतिक्रमण हटाने गई वन टीम पर लाठी डंडों कुल्हाड़ी सहित हमला

लाइसेंसी बंदूक छीनी और कुल्हाड़ी मारकर किया घायल किया, भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया

श्योपुर – श्योपुर जंगल में झोपड़ी और खेत बनाने का काम कर रहे ग्रामीणों के अतिक्रमण को हटाने पहुंची वन विभाग टीम पर एक सैकड़ा से ज्यादा ग्रामीणों ने लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और पत्थरों से हमला कर दिया, ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर की लाइसेंसी बंदूक भी छीन ली और कुल्हाड़ी मारकर उन्हें घायल कर दिया, अन्य वन कर्मियों को भी मारपीट करके मौके से खदेड़ दिया, इस हमले में एक ड्राइवर और डिप्टी रेंजर सहित दो लोग घायल हुए हैं।
मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें ग्रामीण वन कर्मियों को मारते पीटते हुए नजर आ रहे हैं। अब ग्रामीण वन कर्मियों पर महिलाओं को मारने पीटने, झोपड़ियों को तोड़ने और बंदूक से फायरिंग करने के आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने डिप्टी रेंजर से छीनी हुई बंदूक को जिला मुख्यालय पर पहुंचकर भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी के सामने पुलिस के सुपुर्द किया है।
मामला जिले के रघुनाथपुर थाना इलाके के रामपुरा – भैरूपुरा गांव के पास के जंगल का है, जहां जंगल को अपने पूर्वजों की पुश्तैनी जमीन बताकर वहां पर झोपड़ी बनाकर जमीन पर खेती करने का काम कर रहे रामपुरा और भैरूपुरा गांव के सहरिया आदिवासी समाज के लोगों ने वन विभाग टीम पर तब हमला कर दिया जब वह उन्हें उक्त जमीन से बेदखल करने और उनके अतिक्रमण को हटाने के लिए बुधवार को वहां पहुंचे थे, ग्रामीणों ने बड़े-बड़े लाठी-डंडे लेकर और पथराव करके वन विभाग टीम की 2 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए, लाठी-डंडे और पत्थरों से हुए हमले में खाडी सामान्य वन रेंज के डिप्टी रेंजर रामजीलाल भारती को घायल कर दिया और एक ड्राइवर भी घायल हुआ है, अन्य वन कर्मियों के भी मामूली चोटें आई हैं जिन्होंने मौके से भाग कर अपनी जान बचाई है। वीडियो में आरोपी हमलावर वन विभाग टीम को खदेड़ ते हुए और लाठी-डंडे वह पत्थर लेकर, डिप्टी रेंजर को घेरकर उनसे बंदूक छीनते हुए भी नजर आ रहे हैं। विधायक सीताराम आदिवासी के पास पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि, वन विभाग के कर्मचारियों ने उनकी झोपड़ियां तोड़ दी और उन्हें मारा-पीटा है, जब जमीन पर खेती कर रहे हैं और रह रही हैं वह उनकी पुश्तैनी जमीन है, इस बारे में भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। विधायक का कहना है कि, वन विभाग के लोग मनमानी कर रहे हैं, फर्जी काम करवा कर शासन को चूना लगा रहे हैं, वहां पर सरिया आदिवासी समाज की जमीन है, सरकार ने नियम बना रखा है कि जहां पर सहरिया आदिवासी समाज के लोग खेती कर रहे हैं या रह रहे हैं वह जमीन उनकी है फिर भी यह लोग मनमानी कर रहे हैं जबकि जमीन राजस्व की है और कई लोगों के पास उसके पट्टे भी हैं।

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